साईं के चरणों को छूकर

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

साई के चरणों को छूकर, पवन सुहानी आई है,

लगता शिरडी से मेरा संदेसा वो लाई है,

बुलावा आया है, साईं ने बुलाया है…..

इस माटी के कण कण में मेरे साईं राम बसे हैं,

उस शिरडी के दर्शन को कबसे, ये नैना तरसे हैं,

साईं नाम की कबसे मैंने, मन में जोत जगाई है,

लगता शिरडी से मेरा संदेसा वो लाई है,

बुलावा आया है, साईं ने बुलाया है…..

श्रद्धा और सबुरी साईं मेरे मन बस जाएँ,

मन का इकतारा साईं बस तेरा ही नाम गाएँ,

इक साईं के नाम से ही, मैंने लगन लगाईं है,

लगता शिरडी से मेरा संदेसा वो लाई है,

बुलावा आया है, साईं ने बुलाया है…..

चरण धूली साईं बाबा की सबके भाग जगाए,

साईं समाधि मैं भी देखूँ जाने कब दिन आए,

बेटी की सुन ली बाबा ने, मुझे आवाज लगाईं है,

लगता शिरडी से मेरा संदेसा वो लाई है,

बुलावा आया है, साईं ने बुलाया है…..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।