तेरे प्यार से बढ़कर मैया मिली कोई सौगात नहीं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरे प्यार से बढ़कर मैया मिली कोई सौगात नहीं,

मैं तेरी नचाई नाचू मैया दुनिया की औकात नहीं....

तेरा हुक्म हो जावे मेरी मैया मैं तो घर से चालू,

तेरे हाथ में डोर मेरी मां तेरी हलाई हालु,

कोई घर ऐसा बचा ना मैया हुई तेरी बरसात नहीं,

मैं तेरी नचाई नाचू मैया दुनिया की औकात नहीं....

मारो चाहे तुम प्यार करो मां मैं तो तेरी हो गई,

पर्दा हटा लो सामने आओ खेलो आंख में चोली,

तेरा दर्शन है बड़ा दुर्लभ मेरे बस की बात नहीं,

मैं तेरी नचाई नाचू मैया दुनिया की औकात नहीं.....

मेरे पल्ले बचा न कुछ भी हो गई तन की ढेरी,

अब तो आजा मेहरा वाली आगे मर्जी तेरी,

तेरी चौखट पर मर जाना मिला जो तेरा साथ नहीं,

मैं तेरी नचाई नाचू मैया दुनिया की औकात नहीं.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।