गणपति गौरी लाला देखो चले सरोवर ओर

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गूंज रहे जय कारे और गली गली में शोर,

गणपति गौरी लाला देखो चली सरोवर ओर.....

शंख बजाते हुए ब्रह्मा जी आए,

ब्रह्मा जी आए सब में ब्रह्मांड को लाए,

शीश पर मुकुट पहनाया वह चमके चंद चकोर,

गणपति गौरी लाला देखो चले सरोवर ओर.....

चक्र चलाते हुए विष्णु जी आए,

विष्णु जी आए सब में लक्ष्मी जी को लाए,

माथे तिलक लगाया वह चमके चंद चकोर,

गणपति गौरी लाला देखो चले सरोवर ओर.....

डमरू बजाते हुए भोले जी आए,

भोले जी आए सामने गोरा जी को लाए,

फूलों के हार पहनाए वह तो चमके चंदा चकोर,

गणपति गौरी लाला देखो चली सरोवर ओर....

तीर चलाते हुए रामा जी आए,

रामा जी आए संग में सीता जी को लाए,

लड्डू का भोग लगाया वह तो खा रे चंदा चकोर,

गणपति गौरी लाला देखो चले सरोवर ओर....

मुरली बजाते हुए कान्हा जी आए,

कान्हा जी आए संग राधा जी को लाए,

राधा के संग सखियां मंगलवार इन चारों ओर,

गणपति गौरी लाला देखो चले सरोवर ओर.....

सुंदर सा एक डोला सजाया,

उसमें गणपति को बैठाया,

जल्दी आइए बब्पा यह भक्त मचाए शोर,

गणपति गौरी लाला देखो चले सरोवर और.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।