अब काशी में लगे आवाज मोल कोई ले लो रे भैया

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

अब काशी में लगे आवाज मोल कोई ले लो रे भैया.....

किसने ले लिए राजा हरिश्चंद्र किस ने ले ली रानी,

किस ने ले लिए कुमर कन्हैया बिक गए तीनों प्राणी,

अब काशी में लगे आवाज मोड़ कोई ले लो रे भैया......

मेहतर ने लिए राजा हरिश्चंद्र पंडित ने लई रानी,

संग में ले लिए कुमर कन्हैया बिक गए तीनों प्राणी,

अब काशी में लगे आवाज मोड़ कोई ले लो रे भैया.....

कितने में लिए राजा हरिश्चंद्र कितने में लई रानी,

कितने में लिए कुमार कन्हैया बिक गए तीनों प्राणी,

अब काशी में लगे आवाज मोल कोई ले लो रे भैया......

एक लाख के राजा हरिश्चंद्र डेढ़ लाख की रानी,

संग में ले लिए कुमार कन्हैया विक गये तीनों प्राणी,

अब काशी में लगे आवाज मोल कोई ले लो रे भैया......

क्या करते हैं राजा हरिश्चंद्र क्या करती है रानी,

क्या करते हैं कुमार कन्हैया बिक गए तीनों प्राणी,

अब काशी में लगे आवाज मोल कोई ले लो रे भैया......

पानी भरते राजा हरिश्चंद्र तपे रसोई रानी,

फूल तोड़ते कुमार कन्हैया बिक गए तीनों प्राणी,

अब काशी में लगे आवाज मोल कोई ले लो रे भैया......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।