कमल फूल अवतार लियो

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विविध भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

कमल फूल अवतार लियो है भारी,

गढ़ गोठा केरो नाम सुणो नर नारी।

थारा बीच मंदरिया में नीर भरो है भारी नारायण,

थारा चरण धुलावा सुणो देव अवतारी ।

थारा बीच मंदरिया में गाया खड़ी है भारी नारायण,

थाने दूध चढ़ावा सुणो देव अवतारी ।

थारा बीच मंदरिया में नीम खड़ी है भारी नारायण,

थाने पाती उतारा सुणो देव अवतारी ।

थारा बीच मंदरिया में अरज करू मैं भारी नारायण,

म्हारी लाज बचाओ सुणो देव अवतारी।

कमल फूल अवतार लियो है भारी,

गढ़ गोठा केरो नाम सुणो नर नारी।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।