मां ने मुझे श्री श्याम सिखाया है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बचपन से मां ने मुझे श्री श्याम सिखाया है,

तू ही है मात पिता तू ही हमसाया है....

तूतलाती बोली से तेरा नाम ही सीखा है,

ये होश संभाले जब से, बस दर तेरा देखा है,

गोदी में रखकर सिर, तूने सहलाया है,

तू ही है मात पिता तू ही हमसाया है....

रहमत से तेरी श्याम, सांसे मेरी चलती हैं,

दिल की हर धड़कन बस, तेरी माला जपती है,

मैंने जब भी पुकारा तुझे अपने साथ ही पाया है,

तू ही है मात पिता तू ही हमसाया है....

कोई भी विपदा श्याम, मुझे छू नहीं पाती है,

ये मोर छड़ी तेरी श्याम, पहरा जो लगाती है,

हारे के साथ ही हो तुम मैंने तो पाया है,

तू ही है मात पिता तू ही हमसाया है....

किंशु ने बुना सपना, बस तेरा हो जाऊं,

ये सांस चले जब तक, बस भजन तेरे गांऊ,

मांगा जो दर से तेरे, वो प्यार भी पाया है,

तू ही है मात पिता तू ही हमसाया है....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।