देवा करदो करम

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

( रंग में इतनी छड़ी,

देवा रंग तुम्हारा लेकर,

क्या से क्या हो गए,

क्या से क्या हो गए,

देवा नाम तुम्हारा लेकर। )

करम करम देवा करदो करम,

करम करम देवा करदो करम,

तुम ही हो इमान गणेशा,

देवा तुम ही हो धरम,

देवा करदो करम करम करम,

देवा करदो करम करम करम....

तेरे दर पे आये दीवाने,

अपनी बिगड़ी को बनाने,

धनवान बनादे निर्धन को,

धनवान बनादे निर्धन को,

नहीं इसमें कोई भरम,

करम करम देवा करदो करम,

करम करम देवा करदो करम…..

उसकी तक़दीर बनी है,

जिसका तू देवा गनी है,

दुःख दर्द सभी मिट जाते है,

दुःख दर्द सभी मिट जाते है,

तेरा नाम है गजानन,

करम करम देवा करदो करम,

करम करम देवा करदो करम…..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।