मेरी कुटिया में कुछ दिन गुजारो

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

सीता बेटी ना रो अपना जीवन ना खो धीरज धरो,

मेरी कुटिया में कुछ दिन गुजारो....

बेटी किस्मत में यही लिखा था,

तेरा जीवन बनो में कटेगा,

राम लेंगे खबर तुमको होगा सबर धीरज धारो,

मेरी कुटिया में कुछ दिन गुजारो....

घर का सुख चैन तजना पड़ेगा,

तुमको धरती पर सोना पड़ेगा,

पथ में कांटे रहे नंगे पैरों चलें धीरज धारो,

मेरी कुटिया में कुछ दिन गुजारो....

बेटी संतान जो तेरे होगी,

बुद्धि बल और बलवान होगी,

लव कुश लेंगे जन्म तुमसे होगा सबर धीरज धारो,

मेरी कुटिया में कुछ दिन गुजारो....

बेटी अयोध्या में जो यज्ञ होगा,

घोड़ा तेरे ही कारण छूटेगा,

लव कुश लेंगे पकड़ राम आए उधर धीरज धारो,

मेरी कुटिया में कुछ दिन गुजारो.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।