मीरा तेरा चोला रतन अनमोल

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मीरा तेरा चोला रतन अनमोल संघ घरवाला क्यों ना है,

संग घर वाला क्यों नहीं संग तेरा बालम क्यों ना है....

मीरा तेरे लंबे लंबे बाल, बाल में सिंदूर क्यों ना है,

बहना स्नान करूं दिन रात, मांग में सिंदूर यू ना है,

मीरा तेरा चोला रतन अनमोल.....

मीरा तेरे मोटे मोटे नैन, नैन में कजरा क्यों ना है,

बहना मैं तो दर्शन करूं दिन रात, नैनो में कजरा यूं ना है

मीरा तेरा चोला रतन अनमोल.....

मीरा तेरी लंबी लंबी नाड, नाड में हरवा क्यों ना है,

बहना मैं तो तुलसी के पहनू हार, नाड में हरवा यू ना है,

मीरा तेरा चोला रतन अनमोल.....

मीरा तेरे गोरे गोरे हाथ, हाथ में मेहंदी क्यों ना है,

बहना मैं तो माला जपु दिन-रात, हाथ में मेहंदी यूं ना है,

मीरा तेरा चोला रतन अनमोल.....

मीरा तेरे छोटे छोटे पांव, पांव में पायल क्यों ना है,

बहना मैं तो तीरथ करूं दिन रात, पांव में पायल यूं ना है,

मीरा तेरा चोला रतन अनमोल.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।