कोई कहे गोविंद कोई गोपाला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कोई कहे गोविंद कोई गोपाला,

मैं तो कहूं सांवरिया बांसुरी वाला,

गोविंदा गोपाला गोविंदा गोपाला.....

राधा ने श्याम कहां मीरा ने गिरधर,

कृष्णा ने कृष्ण कहा कुब्जा ने नटवर,

ग्वालो ने पुकारा कहकर के ग्वाला,

मैं तो कहूं सांवरिया बांसुरी वाला,

गोविंदा गोपाला गोविंदा गोपाला.....

मैया तो कहती थी तुमको कन्हैया,

घनश्याम कहते थे बलराम भैया,

सुरा की आंख के तुम थे उजाला,

मैं तो कहूं सांवरिया बांसुरी वाला,

गोविंदा गोपाला गोविंदा गोपाला.....

भीष्म के बनवारी अर्जुन के मोहन,

छलिया जो कह कर बुलाता दुर्योधन,

कंस तो कहता था जल करके काला,

मैं तो कहूं सांवरिया बांसुरी वाला,

गोविंदा गोपाला गोविंदा गोपाला.....

यक्ष युधिष्ठिर के उधो के माधव,

भक्तों के भगवान संतो के केशव,

मानव तो भजते कह कर के कृपाला,

मैं तो कहूं सांवरिया बांसुरी वाला,

गोविंदा गोपाला गोविंदा गोपाला.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।