अब की टेक हमारी मुरारी

संत सूरदास
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अब की टेक हमारी मुरारी,

लाज मोरी राखो गिरिधारी,

अब की टेक हमारी....

जैसी लाज राखी अर्जुन की भारत युद्ध मझारी,

सारथी बनके रथ को हांखो चक्र सुदर्शन धारी ,

भक्त की टेक न टारी, अब की टेक हमारी मुरारी....

जैसी लाज राखी द्रौपदी की होन न दीनि उघारी,

खेचत खेचत दो भुझ थाके दुःशासन पचि हारी र,

चीर बड़ायो मुरारी, अब की टेक हमारी मुरारी....

सूरदास की लाज राखो अब कोहे रखवारी,

राधे राधे श्रीवर प्यारो श्री वृषभानु दुलारी,

शरन तक आयो तुम्हारी, अब की टेक हमारी मुरारी....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।