मेरे भोलेबाबा आओ मेरे मकान में

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरे भोले बाबा आओ,

मेरे डमरू वाले आओ,

मेरे मकान में,

तेरा डम डम डमरू बाजे,

सारे जहान में,

मेरे भोलें बाबा आओ....

भोले तुम्हारे वास्ते,

मैं गंगा जल लाई,

मैं गंगा जल लाई,

तुम प्रेम नहा लो,

तुम प्रेम नहा लो,

मेरे मकान में,

तेरा डम डम डमरू बाजे,

सारे जहान में,

मेरे भोलें बाबा आओ......

भोले तुम्हारे वास्ते,

मैं फलाहार लाई,

मैं फलाहार लाई,

तुम प्रेम से भोग लगा लो,

तुम प्रेम से भोग लगा लो,

मेरे मकान में,

तेरा डम डम डमरू बाजे,

सारे जहान में,

मेरे भोलें बाबा आओ......

भोले तुम्हारे वास्ते,

मैं पुष्प हार लाई,

मैं पुष्प हार लाई,

तुम प्रेम से माला पहनो,

तुम प्रेम से माला पहनो,

मेरे मकान में,

तेरा डम डम डमरू बाजे,

सारे जहान में,

मेरे भोलें बाबा आओ……

भोले तुम्हारे वास्ते,

मैं बाघाम्बर लाई,

मैं बाघाम्बर लाई,

बाघाम्बर प्रेम से पहनो,

बाघाम्बर प्रेम से पहनो,

मेरे मकान में,

तेरा डम डम डमरू बाजे,

सारे जहान में,

मेरे भोलें बाबा आओ.....

भोले तुम्हारे वास्ते,

मैं धुप दीप लाई,

मैं धुप दीप लाई,

तुम आकर दरश दिखाओ,

तुम आकर दरश दिखाओ,

मेरे मकान में,

तेरा डम डम डमरू बाजे,

सारे जहान में,

मेरे भोलें बाबा आओ……..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।