सब तेरा महादेव

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मैं तेरा तू मेरा,

सब तेरा महादेव,

मैं तेरा तू मेरा,

सब तेरा महादेव....

चार दिशा भोले तेरी,

धरती अंबार ये जग तेरा,

चँदा सूरज भोले तेरे,

मैं तो बच्चा हूँ तेरा....

मैं तेरा तू मेरा,

सब तेरा महादेव,

मैं तेरा तू मेरा,

सब तेरा महादेव.....

फूलो की कलियों में तू,

शेहरों की गल्लियों में तू,

बस्ती और गॉंव की छाओं में तू.....

उचे पर्बत में भी तू,

लंबी नदियों में भी तू,

सागर की गेहराई से गेहरा भोले तू,

तेरे जैसा ना कोई देखा यहाँ,

सब देखा तू नही….

मैं तेरा तू मेरा,

सब तेरा महादेव,

मैं तेरा तू मेरा,

सब तेरा महादेव....

भोले….

भोले तेरी ये माया,

भोले तेरी ये माया,

कोई भी समझ ना पाया,

दुनिया ने तुमको जाना,

दुनिया ने है पहचाना…..

बरसों से तुम्हे ढूंढता,

मैं तेरा दीवाना,

कैसे तुम दोगे दर्शन,

मुझको ये बात बताना…..

भोले भोले

शंभू शंभू शंभू….

मैं तेरा तू मेरा,

सब तेरा महादेव,

मैं तेरा तू मेरा,

सब तेरा महादेव……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।