आसन सहित चले आना गजानन

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

आसन सहित चले आना,

गजानन मेरे भवनवा में.....

विष्णु को बुलाएंगे तो लक्ष्मी रूठ जाएगी,

लक्ष्मी रूठ जाएंगी तो फिर नहीं आएंगी,

लक्ष्मी सहित चले आना गजानन मेरे भवनवा में,

लक्ष्मी सहित चले आना गजानन मेरे भवनवा में,

अरे आसन सहित चले आना गजानन मेरे भवनवा में....

भोले को बुलाएंगे तो गौरा रूठ जाएगी,

गौरा रूठ जाएंगी तो फिर नहीं आएंगी,

गौरा सहित चले आना गजानन मेरे भवनवा में,

गौरा सहित चले आना गजानन मेरे भवनवा में,

अरे आसन सहित चले आना गजानन मेरे भवनवा में.....

राम को बुलाएंगे तो सीता रूठ जाएगी,

सीता रूठ जाएगी तो फिर नहीं आएंगी,

सीता सहित चले आना गजानन मेरे भवनवा में,

सीता सहित चले आना गजानन मेरे भवनवा में,

अरे आसन सहित चले आना गजानन मेरे भवनवा में.....

कान्हा को बुलाएंगे तो राधा रूठ जाएगी,

राधा रूठ जाएंगी तो फिर नहीं आएंगी,

राधा सहित चले आना गजानन मेरे भवनवा में,

राधा सहित चले आना गजानन मेरे भवनवा में,

अरे आसन सहित चले आना गजानन मेरे भवनवा में.....

मैया को बुलाएंगे तो लांगुर रूठ जाएंगे,

मैया को बुलाएंगे तो भैरव रूठ जाएंगे,

भैरव रूठ जाएंगे तो फिर नहीं आएंगे,

भैरव सहित चले आना गजानन मेरे भवनवा में,

अरे आसन सहित चले आना गजानन मेरे भवनवा में….

सतगुरु को बुलाएंगे तो संगत रूठ जाएंगी,

संगत रूठ जाएगी तो फिर नहीं आएंगी,

संगत रूठ जाएगी तो फिर नहीं आएंगी,

संगत सहित चले आना गजानन मेरे भवनवा में,

अरे आसन सहित चले आना गजानन मेरे भवनवा में……

गणपति राखो मेरी लाज गणपति राखो मेरी लाज,

पूरण करियो मेरे काज,पूरण करियो सबके काज,

गणपति राखो मेरी लाज,गजानन राखो मेरी लाज….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।