गिरजा के लाडले दुलारे

विजय साहू (जबलपुर)
श्री गणेश आरती गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गिरजा के लाडले दुलारे,

के सबई देव आरती उतारे.....

पहलऊ पूजा होए तुम्हारी,

पहलउ काज सवारे,

के सबई देव आरती उतारे.....

माथे मुकुट कान है कुण्डल,

नैनन कोर कजरारे,

के सबई देव आरती उतारे.....

गले हार मोतिन के माला,

पीले वस्त्र तन धारे,

के सबई देव आरती उतारे.....

रिद्धि सिद्धि बुद्धि के दाता,

माता के नैनो के तारे,

के सबई देव आरती उतारे.....

पुष्प दीप मधुमेवा चढ़ते,

लडुवन् के भोग लगें प्यारे,

के सबई देव आरती उतारे.....

सब गणपति को ध्यान करत है,

दइयो सबखें सहारे,

के सबई देव आरती उतारे.....

गायक - विजय साहू (जबलपुर)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।