गौरा के लाल शिव के दुलारे गणेश जी

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गौरा के लाल शिव के दुलारे गणेश जी,

हर कष्ट करो दूर हमारे गणेश जी....

रिद्धि भी है सीधी भी है भुधि तुम्हारे पास,

दुनिय के हर विकारो की शुद्धि तुम्हारे पास,

मन से हर एक माया को मारे गणेश जी,

हर कष्ट करो दूर हमारे गणेश जी…..

महिमा ये तुम्हारी जानता संसार समूचा,

ना अगरनी न सारेस्ट है तुमसे कोई दूजा,

सारे जगत में सबसे हो न्यारे गणेश जी,

हर कष्ट करो दूर हमारे गणेश जी…..

तिरगुन गुनी आप है गालो के ईश तुम,

है ज्ञान के प्रदाता प्रभु गुण के ईश तुम,

हर ज्ञान निरंजन हमें तारे गणेश जी,

हर कष्ट करो दूर हमारे गणेश जी….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।