अंजनी को लाल निरालो रे

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

अंजनी को लाल निरालो रे अंजनी को

घुंघरू बांध बालो छम छम नाचे ॥

लाल लंगोटे वालो रे अंजनी को

अंजनी को लाल निरालो रे ......

रोम रोम में राम रमइयो २

राम नाम मतवालों रे अंजनी को

अंजनी को लाल निरालो रे ......

भीड़ पड्या बालो दोड़्यो दोड़्यो आवे ॥

भगता रो रखवालो रे अंजनी को

अंजनी को लाल निरालो रे ......

रामावतार राम भेज प्यारे ॥

भजले बजरंग वालो रे अंजनी को

अंजनी को लाल निरालो रे ......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।