ओम की बोलो जय जयकार बधाई होवे

पारंपरिक
श्री गणेश भजन विविध भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

ओम की बोलो जय जयकार बधाई होवे....

पहली बधाई शिव शंकर की बोलो,

जन्में हैं गणपति जैसे लाल बधाई होवे,

ओम की बोलो जय जयकार बधाई होवे....

दूजी बधाई होवे ब्रह्मा जी की बोलो,

जिसने रची सृष्टि सारी,

ओम की बोलो जय जयकार बधाई होवे....

तीजी बधाई माता देवकी की होवे,

जाए है कृष्ण जैसे लाल बधाई होवे,

ओम की बोलो जय जयकार बधाई होवे....

चौथी बधाई माता कौशल्या की होवे,

जाए है राम जैसे लाल बधाई होवे,

ओम की बोलो जय जयकार बधाई होवे....

पांचवी बधाई माता अंजनी की होवे,

जाए हैं हनुमत जैसे लाल बधाई होवे,

ओम की बोलो जय जयकार बधाई होवे....

छठवीं बधाई देवी लक्ष्मी की होवे,

भरे है अन धन के भंडार बधाई होवे,

ओम की बोलो जय जयकार बधाई होवे....

सातवीं बधाई श्री बालाजी की होवे,

संकट काटे हैं बारंबार बधाई होवे,

ओम की बोलो जय जयकार बधाई होवे....

आठवीं बधाई हम भक्तों की होवे,

गाते हैं मंगल गान बधाई होवे,

ओम की बोलो जय जयकार बधाई होवे....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।