महिमा तेरी सब जग गाये

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

हाँ कबसे थे तरसे उत्सव को तेरे,

श्री गणेशा देवा दुःखहर्ता मेरे,

तेरे द्वारे जो भी आये,

झोली भर भर खुशियां पाये,

विग्नो का तू तारणहारा,

महिमा तेरी सब जग गाये....

हो हो....

जय हो श्री गणेशा देवा गणराया,

जय हो श्री गणेशा देवा गणराया,

जूमो नाचो गाओ मारा बाप्पा आया,

तेरा उत्सव मनाने तेरा भक्त आया,

किस्मत बदलते मैंने देखा,

बाप्पा तेरे द्वारे,

किस्मत बदलते मैंने देखा,

बाप्पा तेरे द्वारे,

जाने गजानन सब के मन की,

तुम ही पालनहारे....

थाल सजाये दीप जलाये,

हे सिद्धि विनायक तुम्हे सिंदूर चढ़ाये,

भोग लागे मोदक का ढोल तास बाजे,

भक्ति में भक्त सब ज़ूम ज़ूम नाचे,

गूंजे तेरा जय जय कार,

चहु और चमत्कार,

सबकी पुकार सुने मेरे सरकार....

हो हो..

जय हो श्री गणेशा देवा गणराया,

जय हो श्री गणेशा देवा गणराया,

जूमो नाचो गाओ मारा बाप्पा आया,

तेरा उत्सव मनाने तेरा भक्त आया,

गणपति बाप्पा मोरिया,

जय जय हो देवा जय जय हो,

जय जय हो तेरी जय जय हो....

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा,

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा,

त्वमेव माता च पिता त्वमेव,

त्वमेव बंधू च सखा त्वमेव,

त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव,

त्वमेव सर्वं मम देव देवं,

हरे राम हरे राम,

राम राम हरे हरे,

हरे कृष्णा हरे कृष्णा,

कृष्णा कृष्णा हरे हरे,

हरे राम हरे राम,

राम राम हरे हरे,

हरे कृष्णा हरे कृष्णा,

कृष्णा कृष्णा हरे हरे,

जय जय हो देवा जय जय हो,

जय जय हो तेरी जय जय हो....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।