जो बोएगा वही पाएगा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन विविध भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जो बोएगा वही पाएगा,

तेरा किया आगे आएगा,

सुख दुख है क्या फल कर्मो का,

जैसी करनी वैसी भरनी,

जैसी करनी वैसी भरनी....

सबसे बड़ी पूजा है माता पिता की सेवा,

किस्मत वालों को ही मिलता है यह मौका,

हाथ से अपने खो मत देना,

मौका यह खिदमत का,

जन्नत का दर खुला जाएगा,

तेरा किया आगे आएगा,

सुख दुख है क्या फल कर्मो का,

जैसी करनी वैसी भरनी....

चाहे ना पूजे मूरत चाहे ना तीरथ जाए,

माता पिता के तन में सारे देव समाये,

तू इनको खुश रखेगा,

ईश्वर खुश हो जाए,

भगवान तुझको मिल जाएगा,

तेरा किया आगे आएगा,

सुख दुख है क्या फल कर्मो का,

जैसी करनी वैसी भरनी....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।