दुःख हर्ता बनके सुखकर्ता बनके

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

दुःख हर्ता बनके सुखकर्ता बनके,

चले आना गजानंद चले आना....

देवा भक्तों में दीपक जलाए,

गणपति जी तुम्हें मनाएं,

रिद्धि साथ लेकर सिद्धि साथ लेकर,

चले आना गजानंद चले आना....

तुम विष्णु रूप में आना,

चक्र हाथ लेकर लक्ष्मी साथ लेकर,

चले आना चले आना चले आना.....

तुम ब्रह्मा रूप में आना,

वेद हाथ लेकर ब्रह्माणी साथ लेकर,

चले आना गजानंद चले आना.....

तुम राम रूप में आना, सीता को संग में लाना,

धनुष हाथ लेकर लक्ष्मण साथ लेकर

चले आना गजानंद चले आना.....

तुम कृष्ण रूप में आना,

राधा को संग में लाना,

मुरली हाथ लेकर दाऊ साथ लेकर,

चले आना गजानंद चले आना......

तुम शंकर रूप में आना,

गोरा मैया को साथ में लाना,

चंदा माथे पर सजे डमरू हाथ लेकर,

चले आना गजानंद चले आना.....

तुम सत्संग बीच में आना,

भक्तों को साथ में लाना,

ढोलक साथ लेकर मजीरा साथ लेकर,

चले आना गजानंद चले आना…..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।