कालका मा मुझे तेरी जरूरत है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तेरे सहारे छड्डी नि माए,

मैं अपनी जीवन डोर,

दुनिया नाल लड़ा दे,

ओ मैं बचड़ा कमजोर,

मेरे भी घर आजा दाती,

तुम्हे जो फ़ुर्सत है कालका माँ,

कालका मा मुझे तेरी ज़रूरत है,

जय माँ जय माँ जय माँ,

कालका माँ मुझे तेरी जरूरत है,

मेरे भी घर आजा दाती,

तुम्हे जो फ़ुर्सत है कालका माँ,

मुझे तेरी ज़रूरत है कालका माँ,

जय माँ जय माँ जय माँ,

मैं सुनिया तू भाग जगड़े,

मा मा गोदी लाल खिलवे,

जो तू मेरी गल नायो सुनादि,

क्यो तू मेरी गल नायो सुनादि,

कैसी मेरी किस्मत है कालका माँ,

मुझे तेरी ज़रूरत है कालका माँ,

हमे तेरी ज़रूरत है कालका माँ,

मेरे ते माँ करम कामडे,

मेरे घर विच डेरा पा दे,

तू जो चाहे हो सकता है,

चले तेरी हुकूमत है कालका माँ,

मुझे तेरी ज़रूरत है कालका माँ

हमे तेरी ज़रूरत है कालका माँ

तू आवे ते सेगन मनवा

तेरी राहवा पालका बिच्छवा

ज़िंदगी तेरे नाल कर दिट्ती

करनी तेरी खीजमत है कालका माँ

कालका माँ मुझे तेरी ज़रूरत है

कालका माँ हमे तेरी ज़रूरत है

मेरे भी घर आजा डाती

तुम्हे जो फ़ुर्सत है कालका माँ

कालका माँ मुझे तेरी ज़रूरत है कालका माँ

कालका माँ हमे तेरी ज़रूरत है कालका माँ

कालका माँ मुझे तेरी ज़रूरत है॥

" मंजीत सिंह "

पेड़ प्लेयर=9887203444

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।