गणपति विसर्जन गीत

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

यूं न जाओ छोड़कर,

है गणपति अपना घर,

तुम हो हमारे,

तुम हो हमारे सब कुछ देवा,

तुम को नहीं खबर.....

आये थे तुम खुशियां लेकर,

बरसाया था नूर यहां,

अभी-अभी तो मिलें थे हमसे,

अभी चले तुम दूर कहां....

कहां चले,

कहां चले हो भगवन बोलो,

मुंह हमसे मोड़कर …

यूं न जाओ छोड़कर,

है गणपति अपना घर,

तुम हो हमारे ,

तुम हो हमारे सब कुछ देवा,

तुम को नहीं खबर….

तुमसे घर में रौनक थी ,

लगता था सब नया-नया,

रोज त्यौहार सा रहता था,

खुशियों का था बंधा समा…..

भर आया,

भर आया दिल तुम जो चले,

हर नाता तोड़कर …

यूं न जाओ छोड़कर,

है गणपति अपना घर,

तुम हो हमारे,

तुम हो हमारे सब कुछ देवा,

तुम को नहीं खबर…….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।