गणपति को कोई कजरा लगा दो

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गणपति को लग गयी नज़रिया कोई कजरा लगा दो.....

कजरा लगाने को शंकरजी आए,

गौरा की लग गयी नज़रिया कोई कजरा लगा दो,

गणपति को लग गयी नज़रिया कोई कजरा लगा दो......

कजरा लगाने रामजी आए,

सीता माता की लग गयी नज़रिया कोई कजरा लगा दो,

गणपति को लग गयी नज़रिया कोई कजरा लगा दो.....

कजरा लगाने ब्रह्मा जी आए,

सरस्वती की लग गयी नज़रिया कोई कजरा लगा दो,

गणपति को लग गयी नज़रिया कोई कजरा लगा दो.....

कजरा लगाने को देवी मैय्या आयी ,

लांगूर की लग नज़रिया कोई कजरा लगा दो,

गणपति को लग गयी नज़रिया कोई कजरा लगा दो......

कजरा को लगाने भक्त भी आए,

भक्तों की लग नज़रिया कोई कजरा लगा दो ,

गणपति को लग गयी नज़रिया कोई कजरा लगा दो.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।