आये हैं तेरे द्वारे आंसुओ की लेके धारे

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

आये हैं तेरे द्वारे आंसुओ की लेके धारे,

गिरजा सुमन प्यारे चरण तुम्हारे।।

माथे पे रोरी चंदन स्वीकारो मेरा वन्दन,

जय हो तोरी गौरी नंदन करते तेरा अभिनंदन,

श्रद्धा सुमन मेरा चरण तुम्हारे....

मंदमति हु स्वामी तुम तो हो अंतरयामी,

जन्मो का मैं खलकामी तुम हो जगत के स्वामी,

भव भंजना काटो कष्ट हमारे.....

धन वैभव के तुम दाता तुम ही हो बुद्धि प्रदाता,

जन्मो का तुमसे दाता पुत्र पिता का नाता,

राजेन्द्र द्वारे तेरी बाट निहारे....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।