लाल मेरी पत रखियो

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॥ पावन पाठ ॥

ओ हो

हो हो हो

हो लाल मेरी पत रखियो बला झूले लालण,

ओ लाल मेरी पत रखियो बला झूले लालण,

सिंदड़ी दा सेवण दा,

सखी शाह बाज़ कलन्दर,

दमादम मस्त कलन्दर,

अली दम दम दे अन्दर,

दमादम मस्त कलन्दर,

अली दा पैला न.म्बर,

हो लाल मेरी ॥

चार चराग़ तेरे बरण हमेशा ॥

पंजवा मैं बारण आई बला झूले लालण,

हो पंजवा मैं ,

पंजवा मैं बारण आई बला झूले लालण,

सिंदड़ी दा सेवण दा,

सखी शाह बाज़ कलन्दर,

दमादम मस्त कलन्दर,

अली दम दम दे अन्दर,

दमादम मस्त कलन्दर,

अली दा पैला न.म्बर,

हो लाल मेरी ॥

हिंद सिंद पीरा तेरी नौबत बाजे -॥

नाल बजे घड़ियाल बला झूले लालण,

हो नाल बजे ,

नाल बजे घड़ियाल बला झूले लालण,

सिंदड़ी दा सेवण दा,

सखी शाह बाज़ कलन्दर,

दमादम मस्त कलन्दर,

अली दम दम दे अन्दर,

दमादम मस्त कलन्दर,

अली दा पैला न.म्बर,

हो लाल मेरी -॥

ओ हो

हर दम पीरा तेरी ख़ैर होवे -॥

नाम-ए-अली बेड़ा पार लगा झूले लालण

हो नाम-ए-अली,

नाम-ए-अली बेड़ा पार लगा झूले लालण

सिंदड़ी दा सेवण दा,

सखी शाह बाज़ कलन्दर,

दमादम मस्त कलन्दर,

अली दम दम दे अन्दर,

दमादम मस्त कलन्दर,

अली दा पैला न.म्बर,

हो लाल मेरी -॥

हो लाल मेरी पत रखियो बला झूले लालण,

सिंदड़ी दा सेवण दा,

सखी शाह बाज़ कलन्दर,

दमादम मस्त कलन्दर,

अली दम दम दे अन्दर,

दमादम मस्त कलन्दर,

अली दा पैला न.म्बर॥

"मंजीत सिंह"

पैड प्लेयर=9887203444

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।