माता है गौरा पिता है महेश

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

माता है गौरा पिता है महेश,

जय हो गणेश तेरी जय हो गणेश....

तेज तुम्हारा चम चम चमके,

हे गणराजा दम दम दमके,

जैसे गगन में चमके दिनेश,

जय हो गणेश तेरी जय हो गणेश....

हे सुखदायक विघ्न हरईया,

हे गणनायक विघ्न हरईया,

मेरे भी स्वामी काटो कलेश,

जय हो गणेश तेरी जय हो गणेश.....

पाप भर से धरती उवारों,

हे लंबोदर पृथ्वी उवारो,

अर्जी लगा रहे तुमसे यह शेष,

जय हो गणेश तेरी जय हो गणेश.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।