जंगल में मंगल करईयो गजानंद जी

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

जंगल में मंगल करईयो गजानंद जी....

जो कोई तुमसे बेटा मांगे,

श्रवण सविता तुम देना गजानंद जी....

जो कोई तुमसे बेटी मांगे,

मीरा जैसी बेटी तुम देना गजानंद जी....

जो कोई तुमसे बहूअल मांगे,

राधा जैसी बहूअल तुम देना गजानंद जी.....

जो कोई तुमसे पोते मांगे,

लव कुश की जोड़ी तुम देना गजानंद जी....

जो कोई तुमसे पोती मांगे,

कर्मा जैसी पोती तुम देना गजानंद जी....

जो कोई तुमसे भक्ति मांगे,

हनुमत सी भक्ति तुम देना गजानंद जी....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।