हर मुश्किल का हल लम्बोदर

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

सूझ बूझ के गणपति पीताम्बर,

बिद्या के धनी है जेष्ठ पुत्र शंकर,

देवा के अंदर दिमाग भयंकर,

हर मुश्किल का हल, लम्बोदर…….

मयूर पर बिराजे कार्तिक भैया,

बोले लगाते हैं धरती का चक्कर,

अचरच में पड़ गये गजानन भैया,

मूषक सग कैसे चले लम्बोदर,

फिर देवा ने दिमाग दिखाकर,

सावित किया वो है विद्याधर,

देवा के अंदर दिमाग भयंकर…….

हर मुश्किल का हल, लम्बोदर,

गणपति से बोली पार्वती मैय्या,

मेरा क्यू ऐसे लगा रहे चक्कर,

वोले गजानन माँ ही धरती है,

ये है धरा के चक्कर के बराबर,

गणराज कहलाये बिदद्याधर,

देवा के अंदर दिमाग भयंकर,

हर मुश्किल का हल, लम्बोदर……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।