गुरुदेव सांवरिया ने मोह लई सारी दुनिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन गुरुदेव भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

गुरुदेव सांवरिया ने मोह लई सारी दुनिया....

मेरे गुरुदेव का चश्मा नहीं है,

चश्मा नहीं है दूरबीन नहीं है,

बिना चश्मा दूरबीन देख लई सारी दुनिया,

गुरुदेव सांवरिया ने मोह लई सारी दुनिया....

मेरे गुरुदेव पर रस्सी नहीं है,

रस्सी नहीं है कोई दूर नहीं है,

बिन रस्सी बिन डोर बांध लई सारी दुनिया,

गुरुदेव सांवरिया ने मोह लई सारी दुनिया....

मेरे गुरुदेव पर गाड़ी नहीं है,

गाड़ी नहीं है कोई रेल नहीं है,

बिन गाड़ी बिन रेल घुमाय दई सारी दुनिया,

गुरुदेव सांवरिया ने मोह लई सारी दुनिया....

मेरे गुरुदेव पर तराजू नहीं है,

तराजू नहीं है कोई बाट नहीं है,

बिना तराजू बिन बाट तोड़ दई सारी दुनिया,

गुरुदेव सांवरिया ने मोह लई सारी दुनिया....

मेरे गुरुदेव पै स्याही नहीं है,

स्याही नहीं है कोई पेन नहीं है,

बिन स्याही बिन पेन पढ़ाऐ दई सारी दुनिया,

गुरुदेव सांवरिया ने मोह लई सारी दुनिया....

मेरे गुरुदेव पर फोन नहीं है,

फोन नहीं है कोई नंबर नहीं है,

बिन नंबर बिन फोन बुलाए लई सारी दुनिया,

गुरुदेव सांवरिया ने मोह लई सारी दुनिया....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।