झंडेवाली माँ के सेवादारों

नरेन्द्र चंचल
माता दुर्गा आरती दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

झंडेवाली, माँ के सेवादारों, आज अष्टमी है ll

मेरे साथ, तुम भी पुकारो, आज अष्टमी है l

झंडेवाली, माँ के सेवादारों,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

अष्टमी के, रोज माँ के, दर पे जो भी आता है l

झंडे वाली, मईया से, सब कुछ वोह पता है ll

मिलके, माँ की, आरती उतारो ll, आज अष्टमी है,,,

झंडेवाली, माँ के सेवादारों,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,F

भक्तों ने, आज माँ का, जागरण रचाया ।

श्रद्धा से, मईया, झंडेवाली को बुलाया ll

आओ, माँ कि, आप भी पधारो ll, आज अष्टमी है,,,

झंडेवाली, माँ के सेवादारों,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,F

अम्बे रानी, हम सब हैं, तेरे दीवाने l

मस्ती में, नाच रहे, तेरे मस्ताने ll

चंचल, झंडेवाली, के प्यारो ll, आज अष्टमी है,,,

झंडेवाली, माँ के सेवादारों,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,F

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।