मंदिर में ढोलक बाजे

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

मंदिर में ढोलक बाजे ढोलक पे गणपति नाचे,

धीरे धीरे नाचो रे गणेश ये दुनिया देख रही….

ताम्बे का कलसा ठंडा सा पानी,

धीरे धीरे नहाओ रे गणेश ये दुनिया देख रही.

बड़े प्यार से मोदक बनाया,

धीरे धीरे खाओ रे गणेश ये दुनिया देख रही……..

सोने का लोटा निर्मल पानी,

धीरे धीरे पियो रे गणेश ये दुनिया देख रही......

चुन चुन दूर्वा माला बनाई,

धीरे धीरे पहनो रे गणेश ये दुनिया देख रही......

छोटा सा प्यारा सा मंदिर बनाया,

धीरे धीरे आओ रे गणेश ये दुनिया देख रही….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।