आये तुम्हरे द्वार हे गणराजा

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

आये तुम्हरे द्वार हे गणराजा,

सुन लो हमरी पुकार हे गणराजा,

राजा राजा राजा राजा,

आए तुम्हरे द्वार हे गणराजा....

मां गौरा के आंखो के तारे,

सब के बिगड़े काज सवारे,

सदियों से तेरी चली हुकूमत,

गिरी नहीं सरकार,

आए तुम्हरे द्वार हे गणराजा,

सुन लो हमरी पुकार हे गणराजा....

करते तुम मूसा पे सवारी,

तुम्हरी लीला सबसे न्यारी,

देने वाले तुम हो दाता,

नैया लगा दो पार,

आए तुम्हरे द्वार हे गणराजा,

सुन लो हमरी पुकार हे गणराजा.....

तुम्हारे द्वारे आए सवाली,

भर दो भगवन झोली खाली,

तीन लोक के तुम हो स्वामी,

देवों के सरदार,

आए तुम्हरे द्वार हे गणराजा,

सुन लो हमरी पुकार हे गणराजा….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।