जय हो तेरी गणराज

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

( प्रथमे गौराजी को वंदना

द्वितीये आदि गणेश

त्रितिये सिमरु माँ शारदा

मेरे काटो सकल कलेश। )

जय हो गजानना,

जय हो गजानना…..

हो जय हो तेरी गणराज,

गजानन..

प्रथम पूज्य तुम देव हो देवा,

देवो के महाराज,

जय हो तेरी गणराज,

गजानन....

सारी दुनिया में तुमसा ना दूजा कोई,

जो भी आशा करी पूरी तुम से हुई,

मंगलकर्ता विघ्न हरईया,

पूरण करते काज,

जय हो तेरी गणराज,

गजानन….

मांगे दरसे तुम्हारे तो सबकुछ मिले,

सबका आँगन ख़ुशी से है फुले फले,

तीनो लोक के स्वामी हो तुम,

देवो के सरकार,

जय हो तेरी गणराज,

गजानन….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।