मेरे कीर्तन में रंग बरसाओ

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

मेरे कीर्तन में रंग बरसाओ,

आओ जी गजानन आओ.....

ब्रह्मा तुम भी पधारो,

विष्णु तुम भी पधारो,

भोले शंकर को साथ ले आओ,

आओ जी गजानन आओ,

मेरे कीर्तन में रंग बरसाओ,

आओ जी गजानन आओ.....

लक्ष्मी तुम भी पधारो,

गौरा तुम भी पधारो,

सरस्वती को साथ ले आओ

आओ जी गजानन आओ,

मेरे कीर्तन में रंग बरसाओ,

आओ जी गजानन आओ......

राम तुम भी पधारो,

लक्ष्मण तुम भी पधारो,

सीता मैया को साथ ले आओ,

मेरे कीर्तन में रंग बरसाओ,

आओ जी गजानन आओ......

श्याम तुम भी पधारो,

राम तुम भी पधारो,

राधा रानी को साथ ले आओ,

मेरे कीर्तन में रंग बरसाओ,

आओ जी गजानन आओ......

हनुमत तुम भी पधारो,

नारद तुम भी पधारो,

मैया रानी को साथ ले आओ,

मेरे कीर्तन में रंग बरसाओ,

आओ जी गजानन आओ......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।