जो भी गणपति को घर में बैठाएगा

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

जो भी, गणपति को, घर में बैठाएगा,

उसका घर, तीरथ बन जाएगा ll

^उसका घर, तीरथ बन जाएगा, xll

जो भी, गणपति को घर में,,,,,,,,,,,,,,,,,

गोरा मैया ने, उबटन से, लाला बनाया l

अपनी, शक्ति से, गोरा ने, जीवित कराया ll

उसे, द्वारपाल है बनाया,

कोई, अंदर ना, आने पाएगा,,,

जो भी, गणपति को घर में,,,,,,,,,,,,,,,,,

तभी, गौरा को मिलने, शंकर जी आए l

गौरा, मईया नहाए, कोई अंदर ना आए ll

बालक हट जाना, बार सह पाएगा,

तेरा काल, त्रिशूल बन जाएगा,,,

जो भी, गणपति को, घर में,,,,,,,,,,,,,,,,,

शिव ने, त्रिशूल से, धड़ को, अलग कर दिया l

और गौरा ने, काली का, रूप धर लिया ll

अब तो, धरती पर, वही बच पाएगा,

मेरे लाल को, शीश जो लगाएगा,,,

जो भी, गणपति को, घर में,,,,,,,,,,,,,,,,,

शिव ने, गज़ को बुलाया, शीश उसका लगाया l

यह देखकर, मां का, मन हर्षाया ll

यह बालक, गज़ानन कहलाएगा,

सब के, विघ्नों को, दूर कर पाएगा,,,

जो भी, गणपति को ,घर में,,,,,,,,,,,,,,,,,

गणपति बप्पा,,, मोरिया l

मंगल मूर्ति,,, मोरिया ll

मोरिया रे, बप्पा मोरिया रे llll

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।