विघ्नों को टालने गणराज आगये

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

विघ्नों को टालने गणराज आगये,

शिवः शम्भू गौरा माता के युवराज आगये।।

मंगलमयी है मूरत मोदक लिए हुए,

चूहे पे चढ़के जग के सरताज आगये,

विघ्नों को टालने गणराज आगये......

माथे पे सोहे चंदन त्रिशूल हाथ मे,

बुद्धि को देने वाले सरताज आगये,

विघ्नों को टालने गणराज आगये......

सोने की थाल में उन्हें मोदक खिलाएंगे,

क्योकि मेरे गजानन महाराज आगये,

विघ्नों को टालने गणराज आगये......

पांव बजे पायल कानो में कर्णफूल,

राजेन्द्र सुख व शांति के अवतार आगये,

विघ्नों को टालने गणराज आगये......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।