रतनों राईको बाबा राम रूखालो

पारंपरिक
श्री राम भजन विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

रतनों राइको बाबा पड़ियो कैद में बाबा ने आज गुजारी रे म्हारो राम रूखालो....

हुक्म दियो जद तुरन्त सिधायो बाई सुगणा ने लेवण आयो,

ओतो टोडड़ली ने दौड़ाई रे म्हारो राम रूखालो.....

पणघट पर पणिहारीया बरज्यो में अड़ियल कोई गढ़ में बड़गियों,

कु कु रे पत्री दिखाई रे म्हारो राम रूखालो....

नाम सुण्यो जद कैद में डालयो रतनों केवे बाबा बेगा आज्यो,

भेजा रे मार खवाई रे म्हारो राम रूखालो.....

भूखों रे तिरसो रोवण लागो बाबा रामदे सुता जागो,

आटे सुगणा ने किंयू परणाई रे म्हारो राम रूखालो....

सुगणा के सासु समजाओ रतना राइका ने मत ना सताओ,

बाबो मेट देवेला करडाई रे म्हारो राम रूखालो.....

रतना राईका रे बाबा आवे रत्नों दौड़ चरणा में जावे,

बाबा भगता री लाज बचाई रे म्हारो राम रूखालो.....

रामदेव मंडल प्रेम बढ़ावे मोहनझाला भजन बणावे,

ओ तो नेनु रे गाय सुणावै रे म्हारो राम रूखालो.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।