दे दो हमारी बांसुरिया तुम्हारे राधा क्या काम की

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दे दो हमारी बांसुरिया तुम्हारे राधा क्या काम की...

काहे से गाऊ काहे से बजाऊ,

काहे से घेर लाऊ गैया, तुम्हारे राधा क्या काम की,

दे दो हमारी बांसुरिया तुम्हारे राधा क्या काम की...

मुख से गाओ हाथों से बजाओ,

चुटकी से घेर लाओ गैया, तुम्हारे कान्हा क्या काम की,

दे दो हमारी बांसुरिया तुम्हारे राधा क्या काम की...

काहे मै नहाऊं काहे मै धोऊ,

काहे मैं पिलाऊ गऊ पनिया, तुम्हारे राधा क्या काम की,

दे दो हमारी बांसुरिया तुम्हारे राधा क्या काम की...

जमुना में नहाओ लहरों में धोओ,

पोखर पिला लाओ पनियां, तुम्हारे कान्हा क्या काम की,

दे दो हमारी बांसुरिया तुम्हारे राधा क्या काम की...

सोने की नहीं है चांदी की नहीं है,

हरे बांस की बसुरिया, तुम्हारे राधा क्या काम की,

दे दो हमारी बांसुरिया तुम्हारे राधा क्या काम की...

ये रे मुरलिया मुझे प्राणों से प्यारी,

मुरली की हो गई चोरी, तुम्हारे राधा क्या काम की,

दे दो हमारी बांसुरिया तुम्हारे राधा क्या काम की...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।