राम के भजने से बेड़ा पार है

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

राम के भजने से बेड़ा पार है,

राम के भजने से बेड़ा पार है,

बिन भजन के ये जनम बेकार है,

बिन भजन के ये जनम बेकार है....

ये मानुष सुन्दर जनम तुझको मिला,

ये मानुष सुन्दर जनम तुझको मिला,

तुझपे ये भगवन का उपकार है,

तुझपे ये भगवन का उपकार है,

बिन भजन के ये जनम बेकार है,

राम के भजने से बेड़ा पार है....

झूठ छल तू बेईमानी छोड़ दे,

झूठ छल तू बेईमानी छोड़ दे,

मोह ममता में फस बेकार है,

मोह ममता में फस बेकार है,

बिन भजन के ये जनम बेकार है,

राम के भजने से बेड़ा पार है....

नाम जिस जिस ने जप है राम का,

नाम जिस जिस ने जप है राम का,

इस जगत उसका बेडा पर है,

इस जगत उसका बेडा पार है,

बिन भजन के ये जनम बेकार है,

राम के भजने से बेड़ा पार है....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।