हे शिव के लाला अर्ज़ सुनो

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

हे शिव के लाला अर्ज़ सुनो,

हम शरण तुम्हारी आए हैं,

ठुकराना ना हमको देवा,

इस जग के हम ठुकराए हैं,

हम शरण तुम्हारी आए हैं,

हम शरण तुम्हारी आए हैं,

हे शिव के..

हे शिव के लाला अर्ज़ सुनो,

हम शरण तुम्हारी आए हैं.....

दुनिया रूठे तो रूठा करे,

हमसे नाराज न होना तुम,

तुम से ही..

तुम से ही मंगल करता हो,

बड़ी आस लगाकर आये हैं,

हे शिव के लाला अर्ज़ सुनो,

हम शरण तुम्हारी आए हैं.....

भव सागर सामने हैं तो क्या,

हम को कोई भी फिकर नहीं,

मजधार..

मजधार डुबाया पार लगा ये,

ठान के द्वारे आये हैं,

हे शिव के लाला अर्ज़ सुनो,

हम शरण तुम्हारी आए हैं.....

उसका अमंगल ना होता कभी,

सबसे पेहले तुझे पूजे जो,

अपने वंदन..

अपने वंदन में हे देवा,

तेरे गुण गान ही गाए हैं,

हे शिव के लाला अर्ज़ सुनो,

हम शरण तुम्हारी आए हैं.....

शिव शंकर और सब देवो की,

कृपा तुज पर ही विशेष रही,

तेरे नटखट..

तेरे नटखट पर शंकर नंदन,

सब देवों के मन भाये हैं,

हे शिव के लाला अर्ज़ सुनो,

हम शरण तुम्हारी आए हैं.....

तू चाहे तो बलहिनो में,

बल बुद्धि का संचार करे,

वो निर्बल..

वो निर्बल भी बलवान बने,

जो चरणों में शीश झुकाएँ हैं,

हे शिव के लाला अर्ज़ सुनो,

हम शरण तुम्हारी आए हैं.....

कलयुग में तुमसा फलदायक,

कोई और मिला नहीं देवा,

खाली झोली..

खाली झोली लेकर आये तेरे,

द्वार से भर ले जाये हैं,

हे शिव के लाला अर्ज़ सुनो,

हम शरण तुम्हारी आए हैं.....

रिद्धि सिद्धि और लक्ष्मी माँ,

आ जाए वहाँ तू रहे जहाँ,

इस बार..

इस बार मेरे घर में तू आ,

ये आस लिए हम आये हैं,

हे शिव के लाला अर्ज़ सुनो,

हम शरण तुम्हारी आए हैं.....

दरबार तेरे और द्वार तेरे,

आनंद की बारिश होती है,

शरणागत..

शरणागत पर देवा तूने,

खुशियों के मेघ बरसायें हैं,

हे शिव के लाला अर्ज़ सुनो,

हम शरण तुम्हारी आए हैं.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।