आला देवा चा देव गणराज

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गणराया चा आगमनाला,

ढगांचा आवाज आकाशी झाला,

धरनी नेसली साज,

हिरवा धरनी नेसली साज,

पायी रुनझुन घुंगरू वाद,

आला देवा चा देव गणराज.....

सार विश्व हर्षित,

तुझा करण्या स्वागत,

तू विश्वा चा स्वामी,

तू च त्रिलोक्य नाथ,

तुझा नामाचा जयघोष झाला,

चतुर्थी ला साजे सोहडा,

ढोल ताश्यांचा आवाज,

पायी रुनझुन घुंगरू वाद,

आला देवा चा देव गणराज....

गड़ी मोत्याचा माला,

हाती त्रिशूल तो भाला,

नागबंध कमरे ला,

मूषक वाहन चालला,

उटी शिन्दुरी चंदनी काया,

जास्वन्द आवडे तुझ गणराया,

मुकुट सोन्याचा शोभे साज,

पायी रुनझुन घुंगरू वाद,

आला देवा चा देव गणराज....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।