होवे अमृत की बरसात

पारंपरिक
अन्य भजन रानी सती दादी भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

आयी आयी दादी आयी देखो बाज उठी शहनाई,

होवे अमृत की बरसात नाचो रे ले हाथों में हाथ....

सजा दरबार है प्यारा हु सिंगार है प्यार,

लगाओ जय जयकारा हो दादी का,

झूमो सारे लोग लुगाई बांटो मेवे और मिठाई,

होवे अमृत की बरसात नाचो रे ले हाथों में हाथ.....

कृपा का भाव संजोती जाली है पावन ज्योति,

मिलेंगे हीरे मोती आशीर्वाद के,

आई मंगल घड़ियाँ आई माँ ने ममता खूब लुटाई,

होवे अमृत की बरसात नाचो रे ले हाथों में हाथ.....

दादी की नज़र उतारो नून राय तो वारो,

कोई नारियल पधारो माँ के स्वागत में,

गावें चोखानी बधाई दादी दर्शन देने आई,

होवे अमृत की बरसात नाचो रे ले हाथों में हाथ.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।