पलना में झूले कन्हैया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

पलना में झूले कन्हैया यशोदा मैया दे दो बधाईयां....

चोरी चुपके लाला जारों,

तुमने मैया कोई ना बुलायो,

आ गई ननद बिजुरिया, यशोदा मैया दे दो बधाईया....

अस्सी बरस में लाला आयो,

नंद बाबा को समझ ना आयो,

लुटा रहे हैं गैया, यशोदा मैया दे दो बधाइयां.....

ना लु टीका ना लु हरवा,

दुलारी तिलरी तुम ही रखना,

हाथों के लूंगी कंगनवा, यशोदा मैया दे दो बधाइयां.....

नर नारी सब मंगल गामे,

ग्वाल वालों सब खुशियां मनामें,

नाचे ता ता थैया, यशोदा मैया दे दो बधाइयां.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।