हार के आया सांवरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हार के आया सांवरे पकड़ लो मेरा हाथ,

कुछ और नहीं मैं चहुँ बस देदो अपना साथ,

हार के आया सांवरे.....

देख लिया है ये जग सारा कोई नहीं मेरा अपना,

दिल से जिसे भी अपना माना तोड़ गया वो ही सपना,

टूटे इस दिल को बाबा तुम रख लो अपने पास,

हार के आया सांवरे.....

झूठे जग के साथी सारे मिलता सच्चा यार नहीं,

झूठी आस दिखते सारे बिन स्वारथ यहाँ प्यार नहीं,

तूने ही आके निब्भया जब जब भी बिगड़ी बात,

हार के आया सांवरे.....

तेरी कृपा से ही सांवरिया मेरा ये परिवार पले,

करने वाले आप कन्हैया मेरा ये संसार चले,

बस यूँ ही बनाये रखना ये प्रेम की सौगात,

हार के आया सांवरे.....

तेरे चरणों की धूलि बाबा ये ही मेरी दौलत है,

जो कुछ भी है पास में मेरे सब कुछ तेरी बदौलत है,

चरणों से लगा के रखना मुझको यूँ ही नदीं रात,

हार के आया सांवरे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।