सुनकर श्री कृष्ण का जन्म

पारंपरिक
महादेव भजन कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सुनकर श्री कृष्ण का जन्म मिलन शिव शंकर आए हैं,

मिलन शिव शंकर आए हैं, मिलन भोले बाबा आए हैं,

सुनकर श्री कृष्ण का जन्म.....

सिर पर जटा, जटा में गंगा,

माथे पर सज रहो है चंदा,

नाग गले में लटकाए हैं, मिलन शिव शंकर आए हैं,

सुनकर श्री कृष्ण का जन्म.....

सुनकर टेर नंदरानी आई,

भरके थाल मोतियों के लाई,

द्वार पर जोगी आए हैं, मिलन शिव शंकर आए हैं,

सुनकर श्री कृष्ण का जन्म.....

ना चाहिए तेरा सोना चांदी,

ना चाहिए तेरे हीरे मोती,

लाल के दर्शन को आए हैं, मिलन शिव शंकर आए हैं,

सुनकर श्री कृष्ण का जन्म.....

या बाबा का रूप निराला,

इसे देख डर जाएगा मेरो लाला,

लाल निंद्रा में सोए हैं, मिलन शिव शंकर आए हैं,

सुनकर श्री कृष्ण का जन्म.....

जिसको कहती अपना लाला,

तीन लोग का है रखवाला,

जिसे आंचल में छुपाए है, मिलन शिव शंकर आए हैं,

सुनकर श्री कृष्ण का जन्म.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।