देह शिवा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बम बम बों बो बम बम बम,

बम बम बों बो बम बम बम जे

बम बम बों बो बम बम बम,

बम बम बों बो बम बम बम जे

बम बम बों बो बम बम बम,

बम बम बों बो बम बम बम जे

बम बम बों बो बम बम बम,

बम बम बों बो बम बम बम जे

बम बम बों बो बम बम बम,

बम बम बों बो बम बम बम जे

देह देह शिवा ई लीके तो बूम-बूम

दे तू खोल तेरी जतायें

तेरी बूँद को प्यासे

ले ले शिवा ई वाना बूम-बूम

खड़ा आयेज मैं हाथ खोले

दे जो माँगता हूँ

भोले देखे क्या तू खड़ा खड़ा

आए किस्मत का फोड़ दे घड़ा

आए टीन पहियों का जीवन

आए चार चक्को का है मॅन

आए दे ना पलट तू मौसम

आए आए आए

भोले देखे क्या तू खड़ा खड़ा

आए किस्मत का फोड़ दे घड़ा

आए टीन पहियों का जीवन

आए चार चक्को का है मॅन

आए दे ना पलट तू मौसम

आए आए आए

देह देह शिवा, देह शिवा

देह देह शिवा, देह शिवा

देह देह शिवा, देह शिवा

देह देह शिवा, देह शिवा

देह देह शिवा, देह धे शिवा

देह देह शिवा, देह देह शिवा

देह देह शिवा, ले ले शिवा

ले ले शिवा, ले ले शिवा

ले आए शिवा

बम बम बों बो बम बम बम,

बम बम बों बो बम बम बम जे......

बाबा. बाबा बाबा बा बाबा बाबा

बाबा बाबा बाबा बा बाबा बाबा

ओम नमः शिवाय,

नमः शिवाय नमः शिवाय

बम बम बों बो बम बम बम,

बम बम बों बो बम बम बम जे...

घर दिला दे, वार दिला दे तू,

सोने की दिला दे चैन,

बारिश करा दे रैन अब के लिए यह,

सुद्धियाँ दे, बुद्धियाँ दे,

तू हिम्मत दे ज़ुबानो को,

सेहत इंसानो को, अब के लिए है यह,

रोज़ हूँ दर पे आता,

है टूट गया ज़रा देख मेरा छाता,

हूँ भीग तो मैं जाता,

मोल भाव करे दुनियाँ,

बचाने चवन्नीयाँ,

क्यू इंसाफ़ की देवियाँ,

बाँधे आँखो पे पत्तियाँ,

मेरे समझ नही आते,

सपना है जाना हवाई जहाज़ में रहना,

है जेया के मुझको ताज में,

मेहनत है मज़दूरी के काज में,

पैसे बिना हूँ तेरे ही राज में,

फिर से बटवारे कर सारे,

हम क्या तुझणो नही प्यारे,

सोना चाँदी दे चाँदी दे,

उनकी आँधी दे आँधी दे,

ला ला ला दे दे

ला ला ला दे दे

ला ला ला दे दे

ला ला ला दे दे

देह देह शिवा थोड़ी सी शक्ति,

दे तू खोल तेरी जतायें,

तेरी बूँद को प्यासे,

ले ले शिवा मेरी तू भक्ति,

खड़ा आयेज मैं हाथ घोले,

दे जो माँगता हूँ,

भोले! देखे क्या तू खड़ा खड़ा,

आए! छप्पर दे फाड़ तू ज़रा,

आए! दे मीठी सी दे वाणी,

आए! दे और जवानी,

आए! दे ना उलट कहानी,

आए आए आए आए...

देह देह शिवा, देह शिवा

देह देह शिवा, देह शिवा

देह देह शिवा, देह शिवा

देह देह शिवा, देह शिवा

देह देह शिवा, देह धे शिवा

देह देह शिवा, देह देह शिवा

देह देह शिवा, ले ले शिवा

ले ले शिवा, ले ले शिवा

ले आए! शिवा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।