मेरी चुनरी पर राधेश्याम लिख दे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

लिखने वाले तू दिल का हाल लिख दे,

मेरी चुनरी पर मदन गोपाल लिख दे,

मेरी चुनरी पर राधेश्याम दिख दे.....

एक तरफ ब्रह्मा एक तरफ ब्रह्मांणी,

बीच में वेदों का ज्ञान लिख दे,

मेरी चुनरी पर मदन गोपाल दिख दे,

मेरी चुनरी पर राधेश्याम दिख दे.....

एक तरफ चंदा एक तरफ सूरज,

बीच में तारों का हाल लिख दे,

मेरी चुनरी पर मदन गोपाल लिख दे,

मेरी चुनरी पर राधेश्याम दिख दे.....

एक तरफ शंकर एक तरफ गौरा,

बीच में गणपत का हाल लिख दे,

मेरी चुनरी पर मदन गोपाल लिख दे,

मेरी चुनरी पर राधेश्याम दिख दे.....

एक तरफ रामा एक तरफ लक्ष्मण,

बीच में सीता का हाल लिख दे,

मेरी चुनरी पर मदन गोपाल लिख दे,

मेरी चुनरी पर राधेश्याम दिख दे.....

एक तरफ गंगा एक तरफ जमुना,

बीच में सरयू का हाल लिख दे,

मेरी चुनरी पर मदन गोपाल लिख दे,

मेरी चुनरी पर राधेश्याम दिख दे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।