शाम सवेरे हर पल राधे राधे गाऊने आ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

शाम सवेरे हर पल राधे राधे गाऊने आ,

जिदा श्याम नचाऊदा ओदा नची जाने आ.....

ओदी धुन विच ऑपा ऐसे खोय आ,

होश भुला के अपनी कमले होये आ,

भूल के अपनी हस्ती ओदी मस्ती पाने आ,

जिदा श्याम नचाऊदा ओदा नची जाने आ.....

उसदे नाम दी चढ़ी खुमारी ऐ,

उसदे लेखे लाई जिन्दगी सारी ऐ,

नाल श्याम दे आपा सच्ची तार मिलाने आ,

जिदा श्याम नचाऊदा ओदा नची जाने आ.....

उसदी प्रीत च आपा पक्के रोगी आ,

उसदे दर ते नचदे बन के जोगी आ,

सारे जग नू भूल के उसदे बने दिवाने आ,

जिदा श्याम नचाऊदा ओदा नची जाने आ.....

उसदे मुख तू सुन्दर कोई नजारा नई,

उसदे प्रेम दे नालू कोई प्यारा नई,

दर्शन करके उसदे अपने भाग जगाने आ,

जिदा श्याम नचाऊदा ओदा नची जाने आ.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।