नंदलाला ब्रिज में आए नाचो गाओ झूम झूम के

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नंदलाला ब्रिज में आए नाचो गाओ झूम झूम के,

झूम झूम के नाचो घूम घूम के,

झूम झूम के गाओ घूम घूम के,

नंदलाला ब्रिज में आए नाचो गाओ झूम झूम के......

कृष्ण अष्टमी शुभ घड़ी आई,

बाजे नगाड़ा बाजे शहनाई,

बधाई बधाई बाजे शहनाई,

बाजे नगाड़ा बाजे शहनाई,

सब मंगल... सब मंगल बादल छाए,

नाचो गाओ झूम झूम के,

झूम झूम के नाचो घूम घूम के,

झूम झूम के गाओ घूम घूम के,

नंदलाला ब्रिज में आए नाचो गाओ झूम झूम के......

बाज रही नंद भवन बधाईयां,

जाय यशोदा कुंवर कन्हिया,

बृजवासी... बृजवासी फूले ना समाए,

नाचो गाओ झूम झूम के,

झूम झूम के नाचो घूम घूम के,

झूम झूम के गाओ घूम घूम के,

नंदलाला ब्रिज में आए नाचो गाओ झूम झूम के......

रोम रोम एक लहर सी लहरे,

मन आनंद के चाव है गहरे,

मन मेरा... मन मेरा खुद ही नचाए,

नाचो गाओ झूम झूम के,

झूम झूम के नाचो घूम घूम के,

झूम झूम के गाओ घूम घूम के,

नंदलाला ब्रिज में आए नाचो गाओ झूम झूम के......

ललित ने गाई मंगल बधाई,

गोपाल हरी दासी भी आई,

जो आए... जो आए पागल बन जाए,

नाचो गाओ झूम झूम के,

झूम झूम के नाचो घूम घूम के,

झूम झूम के गाओ घूम घूम के,

नंदलाला ब्रिज में आए नाचो गाओ झूम झूम के......

@ललित गेरा झज्जर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।